रविवार, 28 जुलाई 2024

श्रीरामचरितमानस

हरि ओम नमः परमात्मने सभी आदरणीय मित्रों को मेरा सादर नमस्कार। फिर यह बंधु-बांधवों आज का प्रसंग मेरा श्री रामचरितमानस से संबंधित है श्रीरामचरितमानस सनातन धर्म की एक ऐसी रचना है जिसके अध्ययन करने से जियो के समस्त पापों को नष्ट हो जाना निश्चित है और कितने भी संशय उसके मन में उठे तो प्रत्येक का निराकरण इस रामचरितमानस के अध्ययन से अवश्य पूर्ण होता है रामचरितमानस में कई ऐसी दोहे चौपाई हैं जो हमें पग-पग पर राह दिखाती हैं हम चाहे किसी भी दुख में पर हो जाएं लेकिन हमें श्री रामचरितमानस से प्रत्येक प्रश्न का उत्तर मिल जाता है कलयुग में श्री रामचरितमानस की बजाय और ग्रंथ है ही नहीं जो हमारे मन के समस्याओं का निवारण कर दे हमें सद्बुद्धि दे हमें सद्ज्ञान दे हमारे विकारों का हरण करें। रामचरितमानस के वर्णित सुंदरकांड का तो विशेष महत्व है हम कभी किसी विशेष गंभीर संकट में फंस जाएं रोगों से लिप्त हो जाएं या अन्य किसी बाधा से लिपट जाए तो श्री रामचरितमानस में वर्णित सुंदरकांड के पाठ को 40 दिन तक विधि विधान के साथ करने पर हमारे समस्त बाधाओं का निराकरण होता है और हमें पक्का कुछ ना कुछ सजा मार्ग सत्य ज्ञान प्राप्त होता है और हमारी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें