🍂पंजे पर चलने का कमाल🍂
आज इस पोस्ट में कमर दर्द, साइटिका दर्द, पिंडलियों का दर्द, पैरों का दर्द, घुटने का दर्द, एड़ी का दर्द, थाइस के पीछे दर्द के कारण के बारे में बात करेंगे।
हमारे शरीर मे बहुत सारी हड्डियां होती है और इनमें से 26 हड्डियाँ केवल पैरों में होती हैं। पैरों की हड्डियाँ जो सारे शरीर का वजन उठाती हैं उसमें भी सबसे लंबी हड्डी केल्केनियस होती है जो एड़ी में होती है। इस हड्डी का काम हमें चलने, भागने-दौड़ने में मदद करने के साथ ही शरीर में संतुलन भी बनाए रखना है। हमारे जानकारों का कहना है की जब हम पैदल चलते हैं तो हमारे पैर पर शरीर के वजन का 1.25 गुना भार और दौड़ने पर 2.75 गुना अधिक भार पड़ता है।
कुछ कारण निम्न हो सकते है, जिन पर व्यक्ति का नियंत्रण नही होता।
1. अर्थराइट्स या गाउट का होना;
2. शरीर में न्यूट्रिशियन का कम होना;
3. उम्र के साथ पैरों के मांस का कम होना;
4. पैर की हड्डी का बढ़ना;
5. हारमोन संबंधी दवाइयाँ अधिक लेना;
6. डाइबिटिक होना;
7. मांसपेशियों में सूजन आना ;
8.हड्डी का घिस जाना या कैल्शियम कम हो जाना।
कुछ ऐसे कारण होते है जिन्हें हम खुद करते है लेकिन हमें पता ही नही चलता....
चलिए आज एक बिल्कुल अलग बात को observe करते है...........
👉"आपने बच्चों को देखा होगा चलते हुए.....!
वो हमेशा पंजे पर चलते फिरते और दौड़ते है।
👉लेकिन जैसे जैसे उम्र बढ़ती है, सभी लोग लाला जी बन जाते है। पेट बाहर, कमर अंदर को दबा कर, एड़ी पर जोर देते हुए, पैरो को जमीन पर रगड़ते हुए चलने लगते है।
👉बस यही कारण है आपके सभी उपर्लिखित दर्द होने का।
आज से आप नियम बनाएं.....
1. चलते समय पैरों के पंजे को बिल्कुल सीधा रखेंगे।
2. एड़ी पर दबाव नही देंगे चलते हुए।
3. सुबह शाम 10 min पंजे पर walk(चलना) करेंगे।
4. खाने के साथ कोई भी लिक्विड नही लेंगे, पानी भी नही।
5. खड़े होकर पानी बिल्कुल नही पीएँगे।
6. घुटनो पर तेल लगाकर 5 बार उठक बैठक करेंगे।
7.सप्ताह में 2 बार पैरो की खुद मालिश जरूर करें।
8. शरीर के वजन पर नियंत्रण रखेंगे।
9. घुटनों में दर्द हो तो उकड़ूँ बैठना शुरू/कोशिश करें जिससे जोड़ो में जकड़न न हो।
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