रविवार, 28 जुलाई 2024

पेट के रोगों की चिकित्सा

*"*जीर्ण उदर रोग*
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*"*अमीबियास कोलाइटिस*
की अचूक रामबाण औषधी
*"*अनुसंधान कार्य*
*"*डा श्याम गुप्ता आयुर्वेद चिकित्सा वैज्ञानिक*
*"*निदेशक धनवंतरि आरोग्य संस्थान देहरादून उत्तराखण्ड*
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१- आमलकी रसायन बैधनाथ १००ग्राम+
कामदुधा रस बैधनाथ 20ग्राम+
शंख भस्म बैधनाथ 20ग्राम
एक साथ मिला लें
सेवन विधि:
नाश्ते व खाने के बाद एक चम्मच औषधि गुनगुने गर्म पानी से लें

२-पंचसकार चूर्ण बैधनाथ १००ग्राम
+ हिंगवाष्टक चूर्ण १००ग्राम
+लवण भास्कर चूर्ण १००ग्राम
तीनों को एक-साथ मिला कर
तैयार करें।
सुबह-शाम भोजन के बाद दो
चम्मच चूर्ण गर्म पानी से दें।

३-सीरप ओजस (चरक)
+ अम्लपितांतक मिश्रण धूतपापेशर
४-४चम्मच दोनों सीरप में बराबर मात्रा में पानी मिलाकर सुबह-शाम खाने के बाद दें।

४-टैबलेट चित्रकादि बटी धूतपापेशवर या बैधनाथ
टैबलेट लहसुनादि बटी बैधनाथ
टैबलेट गैसान्तक बटी बैधनाथ
टैबलेट महाशंख बटी बैधनाथ
या धूतपापेशवर की ही लें
प्रत्येक से २+२+२+२गोली
नाश्ते व खाने के बाद तीन बार
गर्म पानी से दें।
भोजन में खीचडीऔर मट्ठा दें
नाश्ते में सभी प्रकार के फल दें
रिफाइंड तेल न दे।
अण्डा, मांस न दे।
आहार विहार बदले
जीवन शैली बदले
योग प्राणायाम शारीरिक व्यायाम करें।
*"*बिल्वादि चूर्ण व्यास का*
या दिव्य पतांजलि राम देव का
२-२चम्मच सुबह सायं दें।

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