रविवार, 28 जुलाई 2024

#मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का मंदिर

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के जीवन चरित्र की तरह ही भगवान श्रीराम का मंदिर निर्माण करने वालों को अपनी मर्यादा का पालन करना होगा, जिस प्रकार भगवान श्री राम ने अपने जीवन चरित्र में अनेका अनेक लीला सामाजिक सरोकारों को शिक्षा देने के लिए की वह आज के समय में लुप्त प्राय सी हो गई है। जिस दिन समस्त मानव मात्र में मेरे आराध्य भगवान श्री राम की शिक्षाओं का प्रभाव होने लगेगा उस दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के मंदिर निर्माण की आधारशिला में क्षण मात्र की भी देरी नहीं होगी।
भगवान श्री राम तो समस्त संसार के आधार हैं समस्त जीवों को मदारी की तरह नचा रहे हैं वह क्षण मात्र में ही सब कुछ कर सकते हैं जिस दिन मेरे आराध्य भगवान श्री राम की इच्छा हो जाएगी उस दिन मंदिर निर्माण की समस्त बाधाएं ऐसे समाप्त हो जाएंगी जैसे सूर्य के उदय होने पर रात्रि का नाश हो जाता है।
    राम वह सत्ता है जिस पर संदेह करने के कारण मां सती को यज्ञ कुंड में भस्म होना पड़ा था। शिवजी को प्राप्त करने के लिए उन्हें दूसरे जन्म में भारी तप करके ही शिव प्राप्त हो पाए। प्रभु श्री राम तो समस्त मानव जाति के घट घट पर निवास कर के समस्त कर्मों को स्वयं ही देख रहे हैं ,वे तो हर किसी के अंतः करण में बैठकर समस्त कर्मों का लेखा जोखा कर रहे हैं और जिस दिन भी उपयुक्त समय आएगा उसी दिन मंदिर निर्माण की समस्त बाधा क्षण मात्र में समाप्त होने लग जाएंगी और शिव कृपा से ही यह संभव होगा।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें