परम आराध्य शिव तो हमारे अंतःकरण में ही विराजमान है। जो हमारी हर सांस को चला रहा है । परम तत्व शिव ही हमारे अंतःकरण में विराजमान होकर हमें पल प्रतिपल निश्चित कर रहा है वहीं हमारे मन बुद्धि प्राण पर शासन करता हुआ हमें जिंदा चलाता है
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